नामर्दी, शीघ्रपतन और वीर्य विकार का रामबाण और स्थाई परिणाम


रसेंद्र चूड़ामणि रस सेवन कर मात्र 20 दिन में पाए स्थाई परिणाम




वियाग्रा जैसी हार्ट व गुर्दे को तकलीफ देने वाली गोलियाँ लेने वाले दोस्तों , कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेद मे शीघ्रपतन जैसी नामुराद बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिये आप एक बार 'रसेंद्र चूड़ामणि रस' खुद तैयार करके इस्तेमाल करके जरूर  देखें। सेक्स पॉवर , नपुंसकता , शीघ्रपतन के लिए  रसेंद्र चूड़ामणि रस है सबसे शक्तिशाली उपाय। इन गोलियों का इस्तेमाल करने वाला मर्द जिस औरत के साथ संभोग कर लेगा वह औरत जीवन भर उसी मर्द की दीवानी बनकर रह जाती है।


यह रसेंद्र चूडामणि योग इतना प्रभावशाली है कि इसका सेवन करने से रोम- रोम नाचने लगता है। मस्ती से भरा हुआ मर्द जब औरत के साथ सेज साँझी करता है तो दोनों की रूह एक दूसरे में इस तरह समा जाती है जैसे तुम और मैं का भेद समाप्त हो जाता है।

इसका उपयोग एक दूसरे से बहुत प्यार करने वाले जोड़ों को जरूर करना चाहिए। वही इसकी सही उपयोग करके एक दूसरे के हो सकते हैं। औरत वाले इसका इस्तेमाल सोच समझकर ही करें।


यह औषधि अति विलासी राजा महाराजा इस्तेमाल करते थे। क्योंकि उनके एक से अधिक औरतों के साथ संबंध होते थे। इसके कुछ दिन सेवन करने से वीर्य बहुत गाढा हो जाता है। इसके कुछ दिनों के इसतेमाल से नाड़ीतंत्र को ताकत मिलती है।

ताकतवर समझकर कभी भी बताई गई मात्रा से जयादा इस्तेमाल न करें कयोंकि जयादा मात्रा में सेवन करने से कामोत्तेजना बहुत बढ जाती है।


इसमें सोना, चाँदी, सिका (नाग) वंग व अभ्रक आदि वीर्य वर्धक औषधियों का मिश्रण होने के कारण अफीम से होने वाले नुकसान बहुत कम हो जाते हैं। लेकिन फिर भी इसका सेवन 20 दिनों से जयादा न करने की सलाह दूँगा।

शूगर के मरीजों को हमेशा शीघ्रपतन की शिकायत रहती है उनके लिये यह रसेंद्र चूडामणि रस वरदान है। जबकि दूसरी बाजीकरक व वीर्य सतंभक आयुर्वेदिक औषधियाँ 40-45 दिनों बाद अपना असर दिखाना शुरू करती हैं वहीं यह योग तुरंत प्रभाव से असर दिखाता है व इसका प्रभाव भी काफी समय तक रहता है।

कैसे बनाये :-
1- पारा भस्म 10 ग्राम
2-स्वर्ण भस्म 20 ग्राम
3-नाग भस्म 100 पुटी 30 ग्राम
4-अभ्रक भस्म 1000 पुटी 40 ग्राम
5-वंग भस्म 50 ग्राम
6-अतुल शकतिदाता योग (खुद तैयार किया) 60 ग्राम
7-चाँदी भस्म 70 ग्राम
8-स्वर्ण माक्षिक भस्म 80 ग्राम


सबको मिलाकर धतूरे के पतों के रस और भंग के पतों के रस में तीन दिन खरल करें। फिर मघाँ, गिलोय, भड़िंगी, अंबरबेल, खस, नागरमोथा, शुद बचनाग, मुलठी, शतावर, कौंच के रस जा काड़े की सात- सात भावना देवें। जब सारी दवाई सूख जाये तो इसके कुल वजन की आधी अफीम मिलाकर तुलसी के रस में घोटकर 1-1 रती की गोली बनाकर छाया में सुखा लें।


इस औषधि का सेवन विधि -


1 या 2 गोली तक दूध से लेवें। तुरंत प्रभाव हेतू संभोग से 2 घंटे पहले गर्म दूध से लेवें।


यह नामर्दी, वीर्य की कमजोरी और शीघ्रपतन दूर करने के लिये उतम योग है। ज्यादा औरतों के साथ संभोग करने वाले विलासी पुरूषों के लिये उतम औषधि है।
कृपया ध्यान दे :- कृपया आप रसेंद्र चूड़ामणि रस अपने नजदीकी प्रमाणीकृत वैद्य की सहायता से ही बनवाये गलत तरीके से बनाई गई कोई भी औषिधि नुकसान दायक हो सकती है।




क्या आप निम्न सेक्स समस्याओं से परेशान हैं ?

लिंग का आकार आदि सामान्य होने के बावजूद भी सेक्स की इच्छा ही न होना, सेक्स करते-करते बीच में ही उत्तेजना समाप्त होकर लिंग का बिना वीर्य निकले ही ढीला पड़ जाना, सेक्स क्रिया शुरू करते ही वीर्य निकल जाना, एक बार यदि सेक्स कर लिया तो कई-कई दिनों तक लिंग में सेक्स करने लायक उत्तेजना का ही न आना, वीर्य में शुक्राणुओं की कमी, वीर्य का पानी की तरह पतला होना, सेक्स के बाद भयंकर कमजोरी महसूस होना जैसे बरसों से बीमार हों, लिंग में सेक्स करने लायक कठोरता का न आना और इच्छा होने पर भी थोड़ा सा उत्तेजित होकर पिलपिला बना रहना, जवानी शुरू होते ही हस्तमैथुन करके वीर्य का सत्यानाश करा और लिंग को भी बीमार बना डाला है, सेक्स के दौरान दम फूलने लगना जैसे अस्थमा का दौरा पड़ गया हो। ऐसी तमाम समस्याएं हैं जिनके कारण वैवाहिक जीवन का बिनाश  होता रहता है और कई बार तो साथी के कदम बहक जाने से परिवार तक टूट जाते हैं। ऐसे में पति अगर रसेंद्र चूड़ामणि रस का पयोग करने में असमर्थ है ओलोंग इन ( सेक्स का उपाय ) ( Optimum Sexual Health ) दवाओं का प्रयोग कर सकते है




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  2. Abe doctor to सही है लेकिन ये दवा मिलती कहाँ है बनी हुई 😄😄😄😇😇😇

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