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'न खाऊंगा न खानेदूँगा ' नारा भी निकला जुमला, अमित शाह के बेटे की एक साल में 16 हजार गुना बढ़ी सम्पत्ति





Money Loundring



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "न खाऊंगा न खानेदूँगा" यह नारा भी जुमला साबित हुआ। 'द वायर ' ने एक स्टोरी की है उससे पुरे बीजेपी में हड़कंप मच गया। बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह पर उंगली उठी है,क्यों की उनकी सम्पत्ति भी 1 साल में 1-2 गुना नहीं बल्कि 16 हज़ार गुना हो गई है,वो भी ऐसे समय में जब देश मंदी के दौर से गुजर रहा है,नोटबंधी और GST लागु होने के बाद देश भर का व्यपार ठप पड़ा हो,लोग बेरोजगार हो रहे हो,किसान कर्ज में डूब कर आत्महत्याएं करने पर मजबूर रहे है।




बीजेपी राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे 2004 में जय शाह और उनके रिश्तेदार जितेंदर शाह ने मिलकर एक कंपनी "शाह टेम्पल एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड" का गठन किया,जिसमे अमित शाह की पत्नी सोनल शाह की भी हिस्सेदारी है। 2004 से 2014 तक कंपनी के पास कोई सम्पत्ति नहीं थी।



जय शाह की कंपनी "टेम्पल एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड" ने 2013 में 6230₹ का घाटा, और 2014 में 1724₹ का घाटा, 2015 में 18,728₹ का लाभ, 2016 में 16000 गुना  कमाई के साथ कमाई 50 हजार ₹ से बड़ कर एक ही साल में 80करोड़ से ऊपर पहुँच गई है । 2014 में इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी को 5,796Rs रिफंड भी किये।




 आप भी चोकियेगा की एक ही साल में यह कमाई 16000 गुना कैसे बड़ गई।  जिसमें 51करोड़ की कमाई विदेश में व्यपार करने से हुई दिखाई गई है,जब की पिछले साल विदेश से आने वाली कमाई ज़ीरो दिखाई गई है।
अब आप सोच रहे होगें की यह कंपनी काम क्या करती है? "शाह टेम्पल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड" खेती (Agriculture Products) के क्षेत्र में काम करती है।


कुछ दिन पहले अमित शाह की सम्पत्ति जब 400 गुणा दिखाई गई थी। तब सफाई आई की यह सम्पत्ति उनकी माता जी पीछे छोड़ गई थी। अब इनके नाम से जुड़ने की वजह से सम्पति बढ़ गयी है। पर अमित शाह के पुत्र जय शाह के पास 16000 गुना कमाई कहाँ से आई? जवाब मिला की राजेश खंडवाला से 15.78 करोड़ का ऋण लिया गया है, राजेश खंडवाला परिमल नथवाणी के संबंधी हैं जो परिमल नथवाणी झारखण्ड से बीजेपी समर्थित राज्य सभा सांसद है और अम्बानी की रिलायंस कंपनी में टॉप एग्जीक्यूटिव भी हैं। आप ने इन्हें देश के प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ हवाई जहाज में सफ़र करते हुए कई बार देखा गया है।




भारतीय जनता पार्टी के मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने भी केंद्र के अधीन एक PSU से 10.35 करोड़ रूपये  जय शाह की कंपनी को दिलवाये है। सबसे बड़ी बात 2016 अक्टूबर में जय शाह की कंपनी दुबारा घाटा दिखा कर बंद भी की जा चुकी है।



अब लोग इस उम्मीद में है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी "ना खाऊँगा,ना खाने दूँगा" के नारे के तहत "शाह टेम्पल एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड" की निष्पक्ष जाँच करवायेगें और जल्द जाँच करवा दोषी पाये जाने पर सज़ा भी दिलवायें।


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