Delhi High Court ने राष्ट्रपति का फैसला पलटा, 20 AAP MLAs की सदस्यता बहाल


Delhi High Court ने राष्ट्रपति का फैसला पलटा, 20 AAP MLAs  की सदस्यता बहाल
आम आदमी पार्टी विधायक 

Delhi High Court ने राष्ट्रपति का फैसला पलटा, 20 AAP MLAs  की सदस्यता बहाल


आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत मिली है। AAP  पार्टी के 20 अयोग्य विधायको को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है । हाई कोर्ट ने कहा कि विधायको को अपनी बात रखने का नही दिया गया मौका, चुनाव आयोग को विधायको का पक्ष सुनना चाहिए था।


दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को मामले में फिर से सुनवाई करने को कहा है। बता दें कि लाभ का पद मामले में आप विधायकों ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कहा था कि हम लोगो को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। 

हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सदस्यता बहाल कर विधान सभा में बैठने का आदेश दे दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति के फैसले को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को मामले में फिर से सुनवाई करने को कहा है। बता दें कि लाभ का पद मामले में आप विधायकों ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 


दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस मामले में फैसला आने तक उपचुनाव नहीं कराने का आदेश दिया था। इसी साल 19 जनवरी को चुनाव आयोग द्वारा की गई सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 22 जनवरी को आप के 20 विधायकों की सदस्यता समाप्त कर दी थी। केजरीवाल सरकार ने इन विधायकों को संसदीय सचिवों के पद पर नियुक्ति की थी जिसे चुनाव आयोग ने लाभ का पद मानते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी।

आप विधायकों ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था

हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आप विधायकों ने आरोप लगाया था कि आयोग ने आरोपी विधायकों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया और एकपक्षीय सुनवाई करते हुए सदस्यता रद्द करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी। अब हाईकोर्ट ने मामले की फिर से सुनवाई करने का आदेश चुनाव आयोग को दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद आप विधायक सौरव भारद्वाज ने बताया कि कोर्ट ने आयोग को फिर से लाभ का पद मामले की सुनवाई करने और आरोपी विधायकों की बात सुनने का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिया बधाई 


इधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले के बाद बधाई दी है और ट्वीट कर लिखा है, “सत्य की जीत हुई। दिल्ली के लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को ग़लत तरीक़े से बर्खास्त किया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के लोगों को न्याय दिया। दिल्ली के लोगों की बड़ी जीत। दिल्ली के लोगों को बधाई।

'आप 'नेताओ ने कहा सच और न्याय की हुई जीत 

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले पर ट्वीट कर कहा है कि चुनाव आयोग का फ़ैसला ग़ैर संवैधानिक और अन्यायपूर्ण था, हाईकोर्ट का निर्णय स्वागत योग्य है, न्याय की जीत हुई। और दिल्ली प्रवक्ता एवं वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय ने फैसले पर ट्वीट कर कहा है कि ऊपर वाले की लाठी बेआवाज़ होती है। दिल्ली को बधाई, और माननीय उच्च न्यायालय को नमन, लोकतंत्र में लोक आस्था की रक्षा करने के लिए। 


आप के राष्ट्रिय प्रवक्ता व वरिष्ठ नेता आशुतोष ने अपना प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के ज़रिये लोकतंत्र का चीरहरण करने में मोदी जी ने महारत हासिल कर ली है फिर चाहे राज्यपाल हो या फिर चुनाव आयुक्त, या सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग सब जगह ऐसे लोग नियुक्त है जिनकी रीढ की हड्डी नहीं है।

हाईकोर्ट के फैसले से जिन विधायकों को राहत मिली है उनमें अलका लांबा, आदर्श शास्त्री, संजीव झा, राजेश गुप्ता, कैलाश गहलोत, विजेंदर गर्ग, प्रवीण कुमार, शरद कुमार, मदन लाल खुफिया, शिव चरण गोयल, सरिता सिंह, नरेश यादव, राजेश ऋषि, अनिल कुमार, सोम दत्त, अवतार सिंह, सुखवीर सिंह डाला, मनोज कुमार, नितिन त्यागी और जरनैल सिंह (तिलक नगर) शामिल हैं। 

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