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SSC ऐसा क्यों करती है? - रवीश कुमार

रवीश कुमार 



सेंट्रल पुलिस आर्गेनाइजेशन की बहाली में उम्र सीमा इस तरह से रखी गई है ताकि पचीस साल के नौजवान बाहर हो जाएँ। एक पैटर्न देख रहा हूँ। इम्तिहान की शर्तें रखने के पीछे सोचा जाता है कि पहले ही कितनों को रिजेक्ट कर दें या ऐसा कुछ डालें जिससे कोई कोर्ट चला जाए और परीक्षा टल जाए। आप इस पत्र को पढ़ें। समझ में आएगा कि क्या नौटंकी चल रही है। ये तो कहिए अंध राष्ट्रवाद और सांप्रदायिकता चरम पर है और सफल है वर्ना नौजवानों से सरकारें काँपतीं। अब नौजवान बकरी बन गए हैं। उन्हें झूठ के आधार पर तैयार सांप्रदायिक प्रोपेगैंडा ने किसी लायक नहीं छोड़ा है।तभी मुझे इस देश के युवाओं से ज़ीरो उम्मीद है। इससे वो बाहर आ ही नहीं सकते। आप कहेंगे कि मैं यह लेक्चर रोज़ क्यों देता हूँ क्योंकि मैं रोज़ युवाओं को मरते देख रहा हूँ। ख़ैर आप चाहें तो इस पत्र को पढ़ कर मैटर समझ सकते हैं।










सर। . हमलोग एस एस सी के उम्मीदवार हैं जो दिन रात एक करके इसकी तैयारी करते हैं लेकिन एस एस सी सी जी एल २०१७ की परीक्षा में व्यापक स्तर पर धांधली के कारण इसपर कोर्ट केस हो गया और परीक्षा में बहुत बिलंब हो गया। फिर 2018 में सी जी एल की नई वेकेंसी आयी और एस एस सी ने 2019 की परीक्षा २०१९ जून में कंडक्ट करवाई पूरे डेढ़ साल के बिलंब से अब एस एस सी सी पी ओ 2019 का नोटिफकेशन 17 सितंबर को आया है उसमे आयु की गणना 01 जनवरी 2020 से की गई है। मुद्दा ये है कि एस एस सी की परीक्षाओं में आयु की गणना ०१ अगस्त से होती है या 01जनवरी से अगर परीक्षा किसी साल में जून के बाद होती है तो आयु की गणना 01अगस्त से होती है और जून से पहले की परीक्षा के लिए 01 जनवरी। लेकिन इस बार सी पी ओ 2019के नोटिफिकेशन में आयु की गणना 01 जनवरी २2020 से की जा रही है। २०१९ की परीक्षा है और आयु की गणना 2020 से । 



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एस एस सी आगे आने वाली परीक्षाओं में भी जैसे की सी जी एल में भी इसी तरह हमारा एक साल बर्बाद कर देगा। इसके चलते बहुत सारे परीक्षार्थी ओवर एज हो जायेगे विलंब एस एस सी से हुआ है और भुगतना परीक्षार्थियों को पड़ना पड़ेगा हमलोग अपनी शिकायत पी जी पोर्टल पर कर चुके हैं कि जो परीक्षा डेढ़ साल विलंब से हो रही है उसमे आयु की गणना उसके अनुसार ही होनी चाहिए एस एस सी एक बहुत बड़ी परीक्षा है थोड़ी से गलती से हम जैसे लाखों उम्मीवारों का भविष्य खराब हो जाएगा क्योंकि सी पी ओ में पच्चीस साल के बाद और सी जी एल में तीस साल के बाद सामान्य वर्ग का छात्र किसी परीक्षा में नहीं बैठ सकत आपसे अनुरोध है की २०१९ की परीक्षा में आयु की गणना २०१९ करवाने के लिए कुछ अपने स्तर से प्रयास करे हमलोग सामान्य वर्ग के परिश्रमी छात्र है और अपना हक मांग रहे है। इसमें कुछ भी नियम के विरुद्ध नहीं है कृपया हमारी मदद करें हमारा भविष्य अधर में है। 









कृपया नोट कीजिएगा आज ही आर बी आई ग्रेड बी का नोटिफिकेशन आया है जिसमें आयु की गणना 01 सितंबर 2019 से हो रही ह। सर जैसे कि मेरी जन्म तिथि अगर 27 सितम्बर 1994 है, तो 1 जनवरी 2020 को मेरी आयु 25 की हो चुकी होगी। अतः मैं परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता। रूल्स के हिसाब से अगर 1 अगस्त 2019 से गणना हुई तो मेरी आयु 24 वर्ष होगी। अतः मैं परीक्षा में शामिल हो पाऊंगा। जिन भी बच्चों का जन्म 2 अगस्त 1994 के बाद है, उन सभी बच्चों को भारी नुकसान हुआ है।यह उनका आखिरी अटेम्प्ट था, जो की गलत रूल्स से छीना जा रहा है। 


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अब बिहार से आया यह पत्र पढ़ें


नमस्ते सर , आपसे इस खबर को दिखाने का अनुरोध करना चाहूंगा ।

बिहार में आजकल एक अलग हीं प्रकार का स्कैम चल रहा है । अगस्त में पहली बार बीए-बीएड इन्टीग्रेटड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आवेदन नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा माँगा गया जिसके लिए 1000 रूपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया । प्रॉस्पेक्टस में 14 कॉलेजों के नाम थे जहाँ दाखिला होना था और इसके लिए कुल 20000 विद्यार्थियों ने आवेदन किये लेकिन इंट्रेंस टेस्ट परीक्षा(15 सितम्बर) से बस कुछ दिन पहले एक अलग से नोटिफिकेशन जारी कर 4 कॉलेज और 400 सीट हीं है ऐसा बताया गया । सभी 4 कॉलेज प्राइवेट हैं जो बहुत ज्यादा हीं फीस लेते हैं और हमारे जिले के जिन कॉलेजों का नाम था उन्हें हटा दिया गया । क्या ऐसा उन प्राइवेट कॉलेजों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं किया गया।









अगर ये प्रॉस्पेक्टस में हीं लिखा होता तो हम जैसे छात्र आवेदन हीं क्यों करते । हमें एक प्रकार से ठगा गया है सर ।आपसे मदद की उम्मीद करता हूँ कि आप हमारी इस समस्या को दिखाएंगे जिससे नालंदा विवि और बिहार सरकार सीटें बढ़ाएं ।

धन्यवाद

हिन्दी प्रदेश के नौजवानों अपनी राजनीतिक जड़ता और जेल से बाहर निकलो।



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